उपराष्ट्रपति की देशवासियों को सलाह: अपने धर्म को मानिए, पर नफरती भाषणों में मत पड़िए

थर्ड आई न्यूज

तिरुवनंतपुरम I उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को धर्म पर की जा रही राजनीति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट लहजे में देशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि किसी और के धर्म की आलोचना करना और समाज में मतभेद पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। नायडू ने कहा कि इस देश में हर एक व्यक्ति को अपने विश्वास के आधार पर धर्म को मानने की इजाजत है। 

नायडू ने केरल में कैथोलिक समुदाय के एक आध्यात्मिक नेता और समाज सुधारक संत कुरियाकोस इलियास चावरा की 150वीं पुण्यतिथि के अवसर पर निकटवर्ती मन्नानम में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यहां उन्होंने संबोधन के दौरान कहा, “अपने धर्म को मानिए, लेकिन नफरती भाषणों में मत पड़िए।” उन्होंने कहा कि इस तरह के काम हमारी संस्कृति, विरासत, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता हर भारतीय के खून में है और पूरी दुनिया में भारत का सम्मान उसकी संस्कृति और विरासत की वजह से ही है। 

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