नीम- हकीम खतरा ए जान : नगांव में ईश्वरीय शक्ति से इलाज के नाम पर भावनाओं का दोहन, जालसाजी

थर्ड आई न्यूज

नगांव I हमारा देश तेजी से विकास कर रहा है। विश्व में हमारे डॉक्टर, इंजीनियर सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। दूसरी तरफ आज भी अंधविश्वास की जड़ें कमजोर होने की बजाय और गहरी होती जा रही हैं। जादू -टोना के नाम पर कई मौकों पर इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आती रहती हैं । अंधविश्वास के अनेकानेक रूप देखने को मिलते हैं। अंधविश्वास का मुख्य कारण है कि बिना किसी प्रमाण या तर्क के किसी भी बात पर भरोसा करने की प्रवृत्ति। कुछ इसी तरह का मैसेज दिसंबर के आखिरी महीने में नगांव के लोगों के बीच अंधविश्वास को बढ़ावा देता देखा गया। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक इस मैसेज में साफ तौर पर लिखा गया था कि “हम नगांव वासियों के लिए एक खुशी भरा सुनहरा मौका आया है I उन लोगों के लिए जिनके कमर में दर्द, जोड़ों का दर्द,मांसपेशियों के खिंचाव से उत्पन्न दर्द एवं कई तरह की दर्द के इलाज के लिए ईश्वरीय वरदान प्राप्त व्यक्ति द्वारा इलाज किया जाएगा I ईश्वर के वरदान के तहत उनका पूरा खानदान इस तरह के दर्द को तेल एवं अंगूठे की मसाज द्वारा ठीक करता हैं, जिनमें प्रमुख है
Relieves From Backache ,
Muscle stiffness,
,Joint pain,
Disc,Cervical, Treatment I बताया गया है कि इन बीमारियों का इलाज ईश्वरीय शक्ति के वरदान से किया जाता है। बताते चलें कि हम यहां किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते है। बताया गया कि सिर्फ एक व्यक्ति ने ईश्वरीय शक्ति के नाम पर यह सारी चिकित्सा की और उन्हें यहां शहर की एक नामचीन फैमिली द्वारा आमंत्रित किया गया था। इस व्यक्ति के लिए भवन भी बुक किया गया I यह कार्यक्रम शहर में 28 और 29 दिसंबर के बीच हुआ I सूत्रों ने बताया कि करीब 55 से 60 मरीजों को इस व्यक्ति ने देखा I ईश्वरीय शक्ति से अपना इलाज किया और हर एक व्यक्ति से 3500 रुपए वसूलने की बात सामने आई है lयहां तक तो माजरा ठीक था, लेकिन यह बात उस समय सामने आई जब ईश्वरीय पद्धति से चिकित्सा कराने के बाद लोगों को इसका लाभ नहीं मिला I उन्होंने इस संवाद माध्यम को अपना नाम न छापने की शर्त पर सारी बातें बताई और कहा कि उन्हें इसका कुछ फायदा नहीं मिला। इस बारे में बाबा के लोकल एजेंट से भी बात की गई Iउनका कहना था कि इस व्यक्ति को किसी देवी शक्ति का साथ मिला है, जिससे यह इलाज करता है और हमने उसको बुलाया है Iमरीजों ने बताया कि उनसे 3500 एक व्यक्ति अनुसार लिए गए थे जबकि संपर्क सूत्र ने यह बताया कि हमने 1800 रुपये एक व्यक्ति के हिसाब से उस व्यक्ति को दिए। सवाल यह उठता है कि यह आखिर माजरा क्या है?? और यह कौन लोग है जो अंधविश्वास के नाम पर चिकित्सा करवाने का ढोंग बाहरी राज्यों से लोगों को बुलाकर एक ग्रुप के तहत करवा रहे हैं। स्मरणीय है कि असम के मुख्यमंत्री ने भी अंधविश्वास के नाम पर लोगों को चिकित्सा देने वाले झोलाछाप चिकित्सकों को पहले से ही चेतावनी दे दी थी कि वह लोगों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ ना करें।

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