म्यांमार से मूंगफली (बादाम बिच्छी) का अवैध कारोबार जारी, गल्ला पट्टी की कई पार्टियां शामिल

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी/ सिलचर. पड़ोसी देश म्यांमार से गुवाहाटी सहित पूर्वोत्तर के बाजार में भारी मात्रा में मूंगफली अवैध रूप से लाई जा रही है. व्यापारिक बोली में इसे बादाम बिच्छी कहा जाता है. मालूम हो कि इसके पहले म्यांमार से सुपारी सिंडीकेट द्वारा अवैध रूप से सुपारी गुवाहाटी लाई जाने की खबरें अखबारों में सुर्खियां बनती रही हैं. अब सुपारी के साथ बादाम बिच्छी भी भारी पैमाने में आ रही है. बाजार के सूत्र बताते हैं कि बढ़िया क्वालिटी की बादाम बिच्छी दक्षिण भारत से गुवाहाटी सहित पूर्वोत्तर की अन्य मंडियों में आती थी. आज की तारीख में साउथ की बादाम बिच्छी की पड़ता ₹125 प्रति किलो के आसपास बैठती है. व्यापारी एक – दो रुपए प्रति किलो का मुनाफा रखकर थोक बाजार में इसे बेच देते हैं. वहीं म्यांमार यानी बर्मा से अवैध रूप से आने वाली बादाम बिच्छी 100-102 रुपए प्रति किलो बैठती है. व्यापारी इसे 20 से 25 रुपए प्रति किलो मुनाफा रखकर थोक बाजार में बेचता है. गल्ला पट्टी के व्यापारिक सूत्र बताते हैं कि म्यांमार से मणिपुर के मोरेह बॉर्डर से माल पहले सिलचर भेजा जाता है और वहां से इसे पूर्वोत्तर की विभिन्न मंडियों में सप्लाई किया जाता है. यहां दिलचस्प बात यह है कि सिलचर का बादाम बिच्छी माफिया माल की होम डिलीवरी करता है.

उल्लेखनीय है कि बादाम बिच्छी पर 5% जीएसटी है. दक्षिण भारत से जो माल आता है, वह सारा पक्के में होता है यानी उस पर व्यापारी बाकायदा टैक्स देते हैं. जबकि म्यांमार से अवैध रूप से आने वाले माल पर कोई टैक्स नहीं होता. दरअसल भारत और म्यांमार के बीच कोई व्यापारिक समझौता नहीं होने के कारण वहां से वैद्य तरीके से कोई भी माल माल इंपोर्ट नहीं हो सकता.

उधर, एक अनुमान के मुताबिक हर महीने 100 से अधिक ट्रक बादाम बिच्छी म्यांमार से अवैध रूप से भारत आती है. इससे भारत सरकार को करोड़ों रुपए राजस्व की हानि होती है. कई व्यापारी सिलचर के बादाम बिच्छी माफिया से पक्के में माल खरीदने का भी दावा करते हैं ,जो कि एक छलावा है. पक्के का क्या फंडा है, इसकी परत दर परत पड़ताल हम आगे के अंकों में करेंगे. इस बीच थर्ड आई न्यूज के रिपोर्टर ने इस बारे में फाइनेंस डिपार्टमेंट के आला अधिकारियों से बात कर सारे मामले के बारे में उनकी राय जानी है, जिसे जल्दी हम पाठकों तक पहुंचाएंगे. हम यह भी बताएंगे कि गल्ला पट्टी के गणेश मार्केट से बरुआ मार्केट तक की कौन-सी पार्टियां इस काले धंधे में लिप्त होकर जीएसटी चोरी के रूप में देश को करोड़ों रुपए का चूना लगा रही हैं. बने रहिए थर्ड आई न्यूज के साथ.

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