पुलिस की गोली से घायल पूर्व छात्र नेता के बचाव में सैकड़ों छात्रों ने किया थाने का घेराव, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

थर्ड आई न्यूज

नगांव/ गुवाहाटी. नगांव में कल एक पूर्व छात्र नेता कीर्ति कमल बोरा के साथ हुई एनकाउंटर की घटना के बाद आज उक्त छात्र नेता को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. इस घटना को लेकर आज शहर के सदर थाने के सामने सैकड़ों छात्रों ने विरोध में थाने का घेराव किया और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए. छात्र नेताओं का आरोप है कि पुलिस द्वारा किया गया एनकाउंटर फर्जी है. इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. छात्रों की मांग है कि जिस अधिकारी ने गोली चलाई, उसके खिलाफ एक्शन होना चाहिए. छात्र नेताओं का कहना है कि जो छात्र नेता घायल हुआ है, वह पूरी तरह से बेकसूर है और इसकी जांच मजिस्ट्रेट के द्वारा होनी चाहिए।

उधर, नगांव के एसपी आनंद मिश्रा ने भी साफ शब्दों में कहा है कि जो छात्र नेता घायल हुआ है उसके पास से 8 वायल ड्रग्स मिली है तथा उसने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि जो आरोप पुलिस पर लगाया जा रहा है, वह पूरी तरह से निराधार है. आरोप है कि पुलिस के लोग एनकाउंटर के समय शराब के नशे में थे. मिश्रा ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि हमने संबंधित लोगों का मेडिकल करवाया है और उसमें वे सभी क्लियर हुए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन अपराध के खिलाफ हम हमेशा लड़ते रहेंगे. आज घंटो तक छात्रों ने शहर में जुलूस निकालते हुए सदर थाने के सामने हाथों में तख्तियां लेकर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

दूसरी ओर एनकाउंटर की घटना पर राज्यव्यापी तीव्र प्रतिक्रिया के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन बरठाकुर करेंगे. उन्हें 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के बाद अगर कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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