खुलासा : बरपेटा रोड से ऑपरेट कर रहे हैं बादाम बिच्छी के काले कारोबार के सरदार

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी. मूंगफली यानी बादाम बिच्छी के काले कारोबार के तार निचले असम के बरपेटा रोड से भी जुड़े हुए हैं. उल्लेखनीय है कि थर्ड आई न्यूज पिछले 3 दिनों से म्यांमार यानी बर्मा से स्मगल होकर आ रही मूंगफली यानी बादाम बिच्छी के काले कारोबार की तिलिस्मी कहानियों को परत दर परत उधेड़ रहा है. इस क्रम में हमारी टीम को जानकारी मिली है कि बादाम बिच्छी मणिपुर के मोरेह बॉर्डर से सिलचर, इंफाल और दिमापुर आती है. यहां से बादाम बिच्छी सिंडिकेट के लोग इस माल को गुवाहाटी सहित पूर्वोत्तर की अन्य मंडियों में ट्रक, बस या ट्रांसपोर्टरों के जरिए भेजते हैं. हमें मिली जानकारी के अनुसार स्मगल होकर आई बादाम बिच्छी के सबसे बड़े खरीदार निचले असम के बरपेटा रोड के चंद व्यापारी हैं. साहा और गुरु नाम के ये व्यापारी स्मगलिंग के जरिए आए हुए माल की बड़ी खेप खरीदते हैं और उसे गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, होजाई, लामडिंग की मंडियों में बेच देते हैं. ये लोग माल की सप्लाई बसों या फिर लोकल ट्रांसपोर्ट के जरिए करते हैं.

गुवाहाटी की गल्ला पट्टी मंडी में इनके कई खरीददार हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुवाहाटी के कुछ बड़े खरीदारों ने सिलचर के बादाम बिच्छी माफिया से भी काफी बड़ी खेप मंगवाई है. बाजार के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि इन व्यापारियों ने अपने माल को सिंगिमारी कोल्ड स्टोरेज तथा फटाशील स्थित अपनी गोदामों में स्टोर करके रखा है. बाजार के सूत्र बताते हैं कि पूर्वोत्तर के बाजार में साउथ से आने वाली लाल मूंगफली की डिमांड अपेक्षाकृत ज्यादा है. इस वर्ष साउथ में क्रॉप खराब होने के चलते माल के दामों में अप्रत्याशित तेजी आ गई है, जबकि म्यांमार यानी बर्मा से आने वाला माल काफी सस्ता पड़ रहा है. इतना की साउथ और बर्मा के माल में प्रति किलो तकरीबन ₹20 का फर्क है. व्यापारियों का अनुमान है कि साउथ के माल में अभी और तेजी की गुंजाइश है, लिहाजा उन्होंने कोल्ड स्टोरेज और अपनी गोदामों में बर्मा का माल स्टॉक करना शुरू कर दिया है. सूत्र यह भी बताते हैं कि यह सारा माल स्मगलिंग के जरिए भारत आया हुआ है. और कुरेदने पर बाजार के एक विश्वस्त सूत्र ने कहा कि हाथ कंगन को आरसी क्या. बर्मा का माल मंगाने वाले व्यापारियों की बुक और उनके फिजिकल स्टॉक का मिलान किया जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. उक्त सूत्र ने बताया कि गुवाहाटी सहित समूचे पूर्वोत्तर की मंडियां बर्मा से स्मगलिंग होकर आई बादाम बिच्छी से पटी पड़ी है. सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा है.

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