गौरव के पल : राधेश्याम खेमका को मरणोपरांत पद्म विभूषण, मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रहलाद राय अग्रवाल को पद्मश्री

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार की ओर से आज पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई. मारवाड़ी समाज के लिए यह गौरव का विषय है कि समाज के दो लोगों को पद्म पुरस्कारों के लिए चयनित किया गया है. गीता प्रेस, गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम खेमका को भारत सरकार ने पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा है. उल्लेखनीय है कि खेमका को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया है. बताते चलें कि स्वर्गीय खेमका का जन्म वर्ष 1935 में हुआ था और उन्होंने पिछले वर्ष यानी 2021 में बैकुंठ धाम के लिए प्रयाण किया. स्व. खेमका ने गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित भारतीय सभ्यता और संस्कृति की ध्वजवाहक पत्रिका ‘कल्याण’ का 38 वर्षों तक सफल संपादन किया. खेमका गीता प्रेस ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अनेक पुराणों और दुर्लभ ग्रंथों के प्रामाणिक संस्करणों का संपादन कर उन्हें प्रकाशित करवाया.

वहीं दूसरी ओर अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष प्रह्लाद राय अग्रवाल को भारत सरकार में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजने का निर्णय लिया है. मालूम हो कि प्रह्लाद अग्रवाल एक समाजसेवी होने के साथ ही एक अग्रणी उद्योगपति भी है. खेमका और अग्रवाल को पद्म पुरस्कार मिलने से समाज में खुशी की लहर है.

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