आजाद को पद्म भूषण मिलने पर भी कांग्रेस में रार, जयराम का तंज; सिब्बल ने पार्टी को घेरा

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली l कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण दिए जाने के ऐलान के बाद कांग्रेस नेताओं में ही रार मच गई है। एक तरफ जहां कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और शशि थरूर जैसे वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी है तो वहीं दूसरी ओर जयराम रमेश ने गुलाम नबी आजाद पर तंज कसते हुए उन्हें गुलाम बता दिया है। इसके उलट कपिल सिब्बल ने तो कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए लिखा कि ऐसा लगता है कि पार्टी को उनकी जरूरत ही नहीं है।

दरअसल, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने गुलाम नबी आजाद को पद्मभूषण दिए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह विडंबना ही है कि जिस पार्टी की उन्होंने आजीवन सेवा की, वह देश सेवा में उनके योगदान को नहीं पहचान पाई। कांग्रेस ने भले ही गुलाम नबी आजाद जैसे बड़े नेता नेता के योगदान को नहीं पहचाना है, लेकिन देश ने उनके योगदान को समझा है और राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पर उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया है।

कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा कि गुलाम नबी आज़ाद को पद्म भूषण दिया गया। बधाई हो भाईजान। विडंबना है कि कांग्रेस को उनकी सेवा की जरूरत नहीं है जबकि पूरा देश सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को पहचानता है। वहीं इससे पहले शशि थरूर ने भी आजाद को बधाई दी थी। इसके अलावा कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भी लिखा कि गुलाम नबी आजाद जी को जन सेवा और संसदीय लोकतंत्र में उनके आजीवन समृद्ध योगदान हेतु योग्य मान्यता के लिए हार्दिक बधाई।

वहीं कांग्रेस के एक अन्य सीनियर नेता जयराम रमेश ने गुलाम नबी आजाद पर निशाना भी साधा है. जयराम ने इस मामले पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिक्रिया देते हुए आजाद को गुलाम बता दिया। उन्होंने पार्टी में अपने वरिष्ठ सहयोगी गुलाम नबी आजाद पर अपने एक ट्वीट से निशाना साधा था। बुद्धदेव भट्टाचार्य के अवार्ड वापस करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्विटर पर लिखा था कि उन्होंने सही कदम उठाया, वो आजाद रहना चाहते हैं, गुलाम नहीं।

कपिल सिब्बल, जयराम रमेश और नया नेताओं का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इधर फिलहाल गुलाम नबी आजाद की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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