2014 से पहले नियमित होते थे सांप्रदायिक दंगे-हिंसा, अब ज्यादा शांति: हामिद अंसारी पर रिजिजू का पलटवार

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली l केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के असहिष्णुता वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में सांप्रदायिक दंगे और हिंसा नियमित तौर पर होती थी, लेकिन अब ज्यादा शांति है। माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर रिजिजू ने कहा, “कुछ अलग-अलग घटनाएं व्यक्तिगत-समुदाय के स्तर पर होती हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति हमेशा समावेशी रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्र ‘सबका-साथ-सबका-विकास सबका- विश्वास सबका- प्रयास’ है।”

कानून और न्याय मंत्री ने कहा कि भारत के पड़ोसी देशों में परेशानी का सामना करने वाले अल्पसंख्यक इंडिया में शरण लेते हैं, क्योंकि यह देश सुरक्षित है। हमें अपने महान राष्ट्र के प्रति आभारी होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हामिद अंसारी ने जो कहा वह गलत है। मैं अल्पसंख्यक समुदाय से हूं और मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत सबसे सुरक्षित देश है।”

‘भारत को बदनाम करके कौन सी संतुष्टि मिल रही?’
रिजिजू ने कहा, “भारत में सबसे अच्छी स्वतंत्रता और विशेषाधिकार का आनंद लेने वाले कुछ लोग विदेश-आधारित भारत विरोधी ताकतों द्वारा देश विरोधी प्रचार में क्यों शामिल होते हैं? वे भारत को बदनाम करके कौन सी संतुष्टि हासिल करते हैं? कम से कम सुविधाओं के साथ दूरदराज के गांवों में लोग मातृभूमि के प्रति वफादार हैं।”

हामिद अंसारी US में बोले- भारत में बढ़ रही असहिष्णुता
देश में दंगे भड़काने और ISI से लिंक का जिस संगठन पर है आरोप, उसके मंच से हामिद अंसारी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल के वर्षों में नागरिक राष्ट्रवाद को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से बदलने की कोशिशें हो रही हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति कहा कि धार्मिक बहुमत को राजनीकि एकाधिकार के रूप में पेश करके मजहब के आधार पर असहिष्णुता को हवा दी जा रही है।

हामिद अंसारी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर वॉशिंगटन में आयोजित वर्चुअल इवेंट में यह बातें कहीं। उनके साथ इस कार्यक्रम में एक अमेरिकी सीनेटर और निचले सदन यानी यूएस कांग्रेस के भी तीन सांसद मौजूद थे। यही नहीं अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के चेयरमैन ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।

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