बिहारी – मारवाड़ी को लेकर दिए गए मुख्यमंत्री के बयान की पूर्वोत्तर हिंदुस्तानी सम्मेलन ने की सराहना

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी. पूर्वोत्तर हिंदुस्तानी सम्मेलन ने श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित उग्रवादी समूहों के आत्मसमर्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा दिए गए बयान “मारवाड़ी से चंदा उगाही कर और बिहारी को धमकी देकर किसी जाति का उत्थान नहीं होगा ” का स्वागत करते हुए इसे जमीनी हकीकत बताया है. सम्मेलन के महामंत्री एसपी राय ने कहा कि कुछ भ्रमित युवक खिलंजिया के अधिकारों की सुरक्षा के नाम पर राज्य के भाषाई अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आए दिन प्रताड़ित करते रहते हैं. राय ने बीते दिनों घटी इस तरह की घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले दो सालों में ऐसे अमानवीय कृत्य काफी बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को देश के किसी भी राज्य में बसने और जीविकोपार्जन करने का संविधान प्रदत्त अधिकार है. जहां तक भाषा की बात है, तो भले ही हमारी स्वर शैली शुद्ध असमिया ना हो किंतु असम के प्रति हमारा अनुराग और भक्ति किसी दूसरे समुदाय से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहारी और मारवाड़ी दोनों समुदाय का असम के विकास में अप्रतिम योगदान है. दोनों ही समुदायों ने असम को अपनी कर्मभूमि बनाया है. सम्मेलन के महामंत्री ने कहा कि उग्र जातीयतावाद और अन्य समुदाय के लोगों को अना असमिया, बहिरागत, बनिया गोष्टी कहकर अपमानित करने से असम का भला नहीं होगा. दरअसल कुछ संगठन एक जाति का अभिभावक होने का स्वांग रच कर वृहत्तर असमिया समाज के विभिन्न घटकों विभाजन करना चाहते हैं ताकि उनका उल्लू सीधा हो सके. ऐसे तत्वों को ईर्ष्या की भावना छोड़कर स्वावलंबी होने की दिशा में काम करना चाहिए. राय ने कहा कि ऐसे परिदृश्य में मुख्यमंत्री का बयान बिल्कुल सटीक और समय अनुकूल है.

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