प्रधानमंत्री मोदी का बजट एनालिसिस – 7 साल का चमत्कार:GDP को 110 लाख करोड़ से 230 लाख करोड़ तक लाए, एक्सपोर्ट भी 4.70 लाख करोड़ के पार

थर्ड आई न्यूज

कानपुर I पीएम मोदी ने बुधवार को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर वर्चुअल संबोधन दिया। कहा- बीते 7 साल में हमारे निर्णयों से देश बहुत आगे बढ़ चुका है। आजादी के 75 वें वर्ष में 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी पूरी दुनिया के लिए चुनौतियां लेकर आई है। दुनिया चौराहे पर खड़ी हो गई है। आगे की दुनिया वैसी नहीं होगी, जैसी कोरोना से पहले थी। भारत को देखने का दुनिया का नजरिया बदल गया है। दुनिया अब भारत को ज्यादा मजबूत देखना चाहती है। हमारे लिए जरूरी है कि हम अपने देश को तेजी से आगे बढ़ाएं। मजबूती लाएं। ये समय नए अवसरों का है। नए संकल्पों की सिद्धि का समय है। बहुत जरूरी है कि हम आत्मनिर्भर बनें। आत्मनिर्भरता की नींव पर आधुनिक भारत का निर्माण हो।

बीते 7 सालों में जो निर्णय लिए गए हैं, उस वजह से आज भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है। पहले भारत की जीडीपी 110 लाख करोड़ रुपए थी। आज 230 लाख करोड़ के आसपास की है। भारत का एक्सपोर्ट 2.85 लाख करोड़ से बढ़कर 4.70 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा रिजर्व 630 बिलियन डॉलर को पार कर गया है।

मोदी की अहम बातें :

  • इस बजट का फोकस गरीब, मिडिल क्लास को बुनियादी सुविधाएं देने पर रहा। हमारी सरकार मूलभूत सुविधाओं पर फोकस कर रही है।
  • महिलाओं के जीवन की सबसे बड़ी चुनौती पानी है। जल जीवन मिशन पर हम काम कर रहे हैं। हमारी सरकार के प्रयासों से देश के 9 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। इसमें 5 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन जल जीवन मिशन के तहत पिछले 2 साल में दिए गए हैं।
  • बजट में घोषणा की गई है कि इस साल 4 करोड़ ग्रामीण घरों को पाइप से पानी का कनेक्शन दिया जाएगा।पहले पानी पर 40 हजार करोड़ खर्च करते थे, अब 60 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे।
  • देश के अलग-अलग हिस्सों में नदियों को लिंक करने के अनेक प्रस्ताव इस बजट में हैं। विशेष रुप से केन-बेतवा को लिंक करने का जो प्रस्ताव है, उससे बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने वाली है।
  • वहां के किसानों के नौजवान बेटे बाहर जाते हैं, ये केन बेतवा लिंक योजना किसान के जीवन में बदलाव लाएगी। इस योजना पर 44 हजार करोड़ खर्च होंगे।
    किसानों के खेत में पानी पहुंचाने के लिए यह योजना आधुनिक युग की भागीरथी होगी।
  • जनधन अकाउंट जब गरीब को मिला तो उसका स्वाभिमान जागा। गरीब को जब छत मिलेगी तो उसका जीवन कितना बदल जाता है, ये देखिए।
  • सरकार जो घर इन्हें बनाकर देती है, वो घर इन गरीबों को लखपति बना देता है। हमने पिछले 7 सालों में 3 करोड़ लोगों को घर देकर लखपति बनाया है।
    अब समय आ गया है कि हम राष्ट्ररक्षा के लिए सीमावर्ती गांवों के लोगों की ताकतों को समझें। हम उन गांवों को विकास की यात्रा में पीछे नहीं रहने देंगे।
  • अब सीमावर्ती गांवों के लिए नए सिरे से सोचा गया है। ऐसे गांवों के लिए बिजली, पानी, सड़क के लिए विशेष प्रबंधन किए गए हैं। ये सीमावर्ती गांव टूरिस्ट स्पॉट बन सकते हैं।

*सीमावर्ती गांवों में हम एनसीसी के कैंप लगाएंगे, ताकि यहां के बच्चे राष्ट्र रक्षा में शामिल हो सकें।

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