निकिता कांड : मारवाड़ी संस्थाओं ने लिया मामले का संज्ञान, निकिता की हालत में सुधार नहीं, पुलिस ने नगांव से कौशिक के छोटे भाई को भी लिया हिरासत में

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी/ नगांव/ मोरान. निकिता अग्रवाल खेमका के झुलसी हुई अवस्था में अस्पताल में भर्ती होने का समाचार प्रकाश में आने के बाद मारवाड़ी समाज की प्रतिनिधि संस्थाएं हरकत में आ गई हैं. मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया ने प्रांतीय नेतृत्व को मामले की तह तक जाने के निर्देश दिए हैं. वहीं मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव चांडक की अगुवाई में युवाओं का दस्ता भी हरकत में आ गया है. खबरों के अनुसार ये लोग सभी संबंधित पक्ष के संपर्क में हैं और जल्द ही इस सारे मामले का निष्कर्ष समाज के सामने होगा.

बहरहाल, थर्ड आई न्यूज को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निकिता खेमका की अवस्था गंभीर बनी हुई है. बताते हैं कि उसका शरीर 80 फीसदी झुलस गया है.

निकिता का परिवार मूल रूप से ऊपरी असम के सेपोन कस्बे में रहता था. बाद में वे मोरान आकर बस गए. फिलहाल मोरान में उनकी मोटरसाइकिल की एजेंसी है और वे आर्थिक रूप से सक्षम बताए जाते हैं. कौशिक खेमका से विवाह के पहले निकिता की शादी शिवसागर हुई थी. पर कतिपय कारणों से वह सफल नहीं हो पाई और तलाक हो गया.

इसके बाद साल 2018 में निकिता और कौशिक का विवाह हुआ था. सूत्र बताते हैं कि करीब एक महीने पहले दोनों परिवार के लोग एक साथ भ्रमण के लिए गए थे. इस पारिवारिक टूर में निकिता की मां और सास दोनों शामिल थीं. इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि दोनों परिवारों के रिश्ते कुछ समय पहले तक सहज ही थे.

वहीं कौशिक खेमका मूल रूप से नगांव का रहने वाला है. नगांव में उसका पुश्तैनी काठ का काम है. वहां उसके घर को काठगोला के नाम से जाना जाता है. कौशिक के पिता का नाम रतन खेमका तथा पितामह का नाम गौरीशंकर खेमका था. दोनों इस दुनिया में नहीं है. फिलहाल कौशिक गुवाहाटी शिफ्ट हो गया है और यहीं पर अपना व्यवसाय करता है. उसका एक भाई भी है, जिसका नाम कौशल खेमका है. मिली जानकारी के अनुसार कल रात इस घटना के बाद हैबरगांव पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था.

उधर, इस घटना ने समूचे समाज को झकझोर कर रख दिया है. समाज के सचेतन वर्ग का मानना है कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले हमारे सामाजिक नेतृत्व को मामले की पूरी तहकीकात कर लेनी चाहिए. उन्हें सभी संबंधित पक्षों से बातचीत कर इस बात का पता लगाना चाहिए कि निकिता का झुलसना कोई दुर्घटना है, साजिश है या फिर आत्महत्या का प्रयास है. परिस्थितिजनक साक्ष्य भी इसमें सहायक हो सकते हैं.

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