लता मंगेशकर की अस्थियां हुईं प्रवाहित, ऊषा बोलीं- ‘वो मेरी बहन नहीं, मां थीं’

थर्ड आई न्यूज

मुंबई I सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने 6 फरवरी 2022 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। इसके बाद बृहस्पतिवार (10 फरवरी) को लता मंगेशकर की अस्थियां गोदावरी नदी के तट पर पवित्र रामकुंड में प्रवाहित कर दी गईं। दिवंगत गायिका की बहन ऊषा, भतीजा आदिनाथ मंगेशकर और परिवार के अन्य सदस्य सुबह करीब 10 बजे रामकुंड पहुंचे और अस्थियों को प्रवाहित किया।

‘मेरी बहन नहीं, मां थीं’ :
बता दें कि नासिक के कई निवासी भी सुर साम्राज्ञी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इलाके में स्थित गोडा घाट पर पहुंचे थे। लता दीदी की अस्थियों को प्रवाहित करने के बाद ऊषा ने संवाददाताओं से कहा, ‘वह (लता) मेरी बहन नहीं थीं, बल्कि मां थीं। सभी कर्मकांड शुभ मुहुर्त पर किए गए।’ नासिक पुरोहित संघ के प्रमुख सतीश शुक्ला ने कर्मकांड किए। नासिक नगर निकाय आयुक्त कैलास जाधव और कुछ स्थानीय नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

शरीर के अंगों ने बंद कर दिए थे काम :
याद दिला दें कि 92 वर्षीय लता के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिए थे, जिसके चलते रविवार की सुबह मुंबई के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया था। उनका दाह-संस्कार उसी दिन शाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया था। सोमवार को, लता के तीन अस्थि कलश आदिनाथ को सौंपे गये थे, जो गायिका के भाई एवं संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर के बेटे हैं।

1929 में हुआ था जन्म :
गौरतलब है कि 1929 में लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ था। लता को भारत की ‘सुर साम्राज्ञी’ के नाम से जाना जाता है और उनको देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा जा चुका है। वह भारतीय सिनेमा की महान गायिकाओं में से हैं, उन्हें स्वर कोकिला के नाम से जाना जाता है। लता मंगेशकर को पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।

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