भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत ही अमेरिका का सच्चा साथी, क्रिटेनब्रिंक बोले भारत सिर्फ एक भागीदार नहीं, उससे भी बढ़कर

थर्ड आई न्यूज

वाशिंग्टन । अमेरिकी विदेश विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व को बहाल करने के लिए बिडेन प्रशासन द्वारा निर्धारित दृष्टिकोण और किए गए विकल्पों में भारत सिर्फ एक भागीदार नहीं है वह उससे ज्यादा की हैसियत रखता है। उन्होंने कहा कि अब भारत और अमेरिका मिलकर खुले, सुरक्षित और लचीले क्षेत्र के लिए भविष्य तय करेंगे। एक टेलीफोनिक प्रेस कान्फ्रेंस में पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों के ब्यूरो सहायक राज्य सचिव डैनियल क्रिटेनब्रिंक और दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो के सहायक सचिव डोनाल्ड लू ने बिडेन-हैरिस प्रशासन के हाल ही में जारी इंडो-पैसिफिक नीति पर चर्चा की। लू ने कहा कि भारत सिर्फ एक भागीदार से बढ़कर है। उन्होंने कहा कि हम इस क्षेत्र के किसी भी अन्य देश की तुलना में भारत के साथ अधिक निकटता से काम कर रहे हैं।

भारत के साथ रणनीतिक संबंधों के बारे में बोलते हुए क्रिटेनब्रिंक ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन-रूस संकट पर खुली और ईमानदार चर्चा की थी, हालांकि यह “जटिल मुद्दा” है लेकिन दोनों पक्ष बात कर रहे हैं और यह मामला जल्द सुलझ सकता है। उन्होंने कहा कि ब्लिंकन और जयशंकर ने रणनीतिक साझेदारी और क्वाड के इंडो-पैसिफिक सहयोग को मजबूत करने के तरीके पर चर्चा की है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक ढांचे के बारे में बात करते हुए लू ने कहा कि वह इसके बारे में उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, वित्तपोषण बुनियादी ढांचे और व्यापार मुद्दों सहित कई मुद्दों पर भागीदारों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।

बता दें कि बिडेन ने पिछले साल 27 अक्टूबर को पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान कहा था कि हम एक ऐसे इंडो-पैसिफिक की कल्पना करते हैं जो खुला, जुड़ा, समृद्ध, लचीला और सुरक्षित हो और हम इसे हासिल करने के लिए आप में से प्रत्येक के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

%d bloggers like this: