ज्ञानवापी परिसर में पहले दिन के सर्वे का कार्य पूरा, हिंदू पक्ष का दावा- साक्ष्य हमारे साथ

थर्ड आई न्यूज

वाराणसी I वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का सच सामने लाने के लिए अदालत के आदेश पर सभी पक्षों की मौजूदगी में सर्वे की कार्यवाही जारी है। पूरे परिसर की वीडियोग्राफी के लिए विशेष कैमरा और लाइट की व्यवस्था की गई है। ज्ञानवापी परिसर के आसपास जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था है। ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने के तीन कमरों के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। अभी चौथे कमरे के सर्वे का काम बाकी है। तहखाने में क्या मिला है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। एडवोकेट कमिश्नर की मौजूदगी में चल रहे सर्वेक्षण के दौरान पूरी टीम एक-एक चीज का बारीकी से निरीक्षण कर रही है।

डीजीपी और मुख्य सचिव पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 12 बजे तक सर्वे का कार्य होगा। कमीशन की कार्यवाही में अवरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञानवापी सर्वे को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट में अलर्ट जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है।

मंदिर के आसपास की सभी दुकानें बंद हैं। मैदागिन और गोदौलिया की ओर से ज्ञानवापी जाने वाले रास्ते को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। बाबा के भक्तों को गेट नंबर एक से मंदिर में प्रवेश दिलाया जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र छावनी में तब्दील है।

सर्वे के दौरान 56 लोग मौजूद :
सर्वे में वादी-प्रतिवादी पक्ष, दोनों पक्ष के अधिवक्ता, एडवोकेट कमिश्नर और उनकी टीम, डीजीसी सिविल और उनकी टीम, विश्वनाथ मंदिर की टीम और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की टीम (कुल 56) शामिल हैं। सभी का मोबाइल बाहर जमा किया गया है। 14 और लोग बाहर रिजर्व हैं, वे किसी भी परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर अधिवक्ता आयुक्त के आदेश पर बुलाए जाएंगे।

मीडिया को ज्ञानवापी परिसर से रखा गया दूर :
अदालत ने सर्वे कराने की जिम्मेदारी एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्र को सौंपी है। उनके साथ विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह और सहायक कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह भी हैं। मीडिया को ज्ञानवापी परिसर और मुख्य द्वार से लगभग एक किलोमीटर दूर ही रोक दिया गया है। ज्ञानवापी मस्जिद की वीडियोग्राफी सर्वे की कार्रवाई सुबह 8 बजे शुरू हुई और 12 बजे तक होगी।

17 मई को अदालत में पेश होगी रिपोर्ट :
बता दें कि अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए नए सिरे से सर्वे का आदेश दिया है। 17 मई को अदालत में इस मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी है। शनिवार से शुरू होने वाली सर्वे की कार्यवाही 16 मई तक हर दिन सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगी।

इससे पहले छह मई को सर्वे की कार्यवाही शुरू हुई थी, जो हंगामे के कारण सात मई को रुक गई। सात मई को ही अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अधिवक्ता आयुक्त (कोर्ट कमिश्नर) को बदलने की मांग कर दी थी। अदालत ने गुरुवार को यह मांग खारिज कर दी।

चप्पे-चप्पे पर फोर्स, छतों से भी निगरानी :
बड़ी संख्या में पीएसी व सीआपीएफ के जवान की तैनाती श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर गेट नंबर चार के अंदर तथा बाहर तैनात की गई है। ज्ञानवापी मस्जिद के चारों ओर पूर्व में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अतिरिक्त फोर्स की भी तैनाती की गई है। वहीं मुख्य मार्ग से लगायत समीप की गलियों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में भी पुलिस चक्रमण कर रही है। मकान की छतों पर भी पुलिस तैनात है।
समझें पूरा घटनाक्रम
ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के रोजाना दर्शन पूजन की मांग को लेकर पांच महिलाओं की ओर से दायर वाद पर बीते आठ अप्रैल को सुनवाई हुई। अदालत ने अजय कुमार मिश्र को अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर 10 मई तक अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

छह मई को कमीशन की कार्यवाही शुरू तो हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी। सात मई को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एडवोकेट कमिश्नर बदलने की मांग कर दी। वहीं वादी पक्ष की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग के अंदर तहखाने समेत अन्य उल्लिखित स्थलों का निरीक्षण करने का स्पष्ट आदेश देने की अपील की गई इस प्रार्थना पत्र पर तीन दिन तक अदालत में सुनवाई चली। अदालत के फैसले के बाद अब शनिवार से कमीशन की कार्यवाही शुरू हुई है।

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