पीएम मोदी की सुरक्षा में फिर चूक, प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर उड़ते ही कांग्रेस कार्यकर्ता ने उड़ाए काले गुब्बारे

थर्ड आई न्यूज

विजयवाड़ा I प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में एक बार फिर चूक का मामला सामने आया है। इस बार ये वाकया आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान विजयवाड़ा में हुआ। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने के दौरान काले गुब्बारे छोड़े। एसपी सिद्धार्थ कौशल ने बताया कि ये घटना गन्नावरम एयरपोर्ट पर हुई। इस मामले में तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।

इसका वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा छोड़े गए काले गुब्बारे पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर के एकदम नजदीक थे। इसे पीएम की सुरक्षा में बड़ा चूक माना जा रहा है। गुब्बारे उड़ाते समय कांग्रेस कार्यकर्ता ‘ नरेंद्र मोदी गो बैक’ के नारे भी लगाए। इससे पहले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पीएम के पंजाब दौरे के दौरान भी उनकी सुरक्षा में चूक का बड़ा मामला सामने आया था।

गौरतलब है कि पीएम मोदी स्वतंत्रता सेनानी अल्लुरी सीतराम राजू की 125वीं जयंती समारोह में भाग लेने के लिए आंध्रप्रदेश पहुंचे थे। यहां पीएम ने कांस्य की बनी उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आंध्र की इस धरती की महान आदिवासी परंपरा को, इस परंपरा से जन्मे सभी महान क्रांतिकारियों और बलिदानियों को भी आदरपूर्वक नमन करता हूं। सीताराम राजू गारू की 125वीं जन्मजयंती व रम्पा क्रांति की 100वीं वर्षगांठ को पूरे साल मनाया जाएगा।’

युवाओं के लिए उत्तम अवसर :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, स्वतंत्रता आंदोलन में देश की आजादी के लिए युवाओं ने आगे आकर नेतृत्व किया था। आज नए भारत के सपनों को पूरा करने के लिए युवाओं के पास सबसे उत्तम अवसर है। देश में नए आयाम खुल रहे हैं। नई सोच है और नई संभावनाएं जन्म ले रही हैं I

दूसरा बारदोली कहलाता है आंध्र का भीमावरम :
आंध्र प्रदेश का भीमावरम दूसरा बारदोली कहलाता है। 1920 में महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया था। इससे भीमावरम में राष्ट्रवाद की भावना जागी और इस छोटे से शहर के लोगों ने अंग्रेज सरकार को टैक्स देना बंद कर दिया। इस शक्तिशाली विद्रोह की सूचना मिलने पर गांधी जी ने भीमावरम का जिक्र अपनी पत्रिका ‘हरिजन’ में दूसरे बारदोली (गुजरात) आंदोलन के रूप में किया था।

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