सीबीएसई का यूजीसी से अनुरोध, विश्वविद्यालय यूजी कोर्सेज में एडमिशन के लिए करें 12वीं रिजल्ट का इंतजार

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली l सीबीएसई और आईएससी का रिजल्ट घोषित हुए बिना ही विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के चलते कई छात्र चिंतित हैं। यूजीसी द्वारा अगले हफ्ते तक इस संबंध में एडवाइजरी जारी किया जा सकता है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 12वीं का रिजल्ट का इंतजार किए बिना अंडरग्रैजुएट कोर्सेज में एडमिशन शुरू करने वाले विश्वविद्यालयों के संबंध में उच्च शिक्षा नियामक से संपर्क किया है। बोर्ड ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) से सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को सीबीएसई के परिणाम घोषित होने की तारीख को ध्यान में रखते हुए अपने प्रवेश कैलेंडर की योजना बनाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। यूजीसी के सूत्रों के मुताबिक नियामक अगले हफ्ते सभी विश्वविद्यालयों को एडवाइजरी जारी करेगा।

बोर्ड ने यूजीसी को 28 जून को एक पत्र में लिखा, “यह ध्यान में आया है कि भारत में कुछ विश्वविद्यालयों, विशेष रूप से महाराष्ट्र ने सत्र 2022-23 के लिए अंडरग्रैजुएट कोर्सेज का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है और उनकी आखिरी तारीख जुलाई के पहले सप्ताह में है। अनुरोध है कि सभी विश्वविद्यालयों को सीबीएसई 12वीं के परिणाम घोषित होने की तारीख को ध्यान में रखते हुए स्नातक प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तारीख तय करने का निर्देश दिया जाए। ‌ बोर्ड ने यह भी कहा कि रिजल्ट तैयार करने के लिए लगभग एक महीने का समय चाहिए।

सीबीएसई का पत्र मुंबई विश्वविद्यालय (MU) द्वारा डिग्री कॉलेजों में स्नातक कार्यक्रमों में इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा और 12वीं रिजल्ट की प्रतीक्षा किए बिना प्रवेश शुरू करने के मद्देनजर आया है। ‌एमयू से संबंध ज्यादातर सिटी कॉलेजों ने गुरुवार को अपनी दूसरी मेरिट लिस्ट घोषित कर दी है। जिन छात्रों ने सीट हासिल की है, उनके प्रवेश की पुष्टि 13 जुलाई तक होने की उम्मीद है। वहीं, तीसरी मेरिट लिस्ट 14 जुलाई को जारी की जाएगी I

मुंबई विश्वविद्यालय ने जब पिछले महीने अपने प्रवेश कार्यक्रम की घोषणा की तो यह अनुमान लगाया गया था कि सीबीएसई और आईएससी के परिणाम दूसरी मेरिट लिस्ट के जारी होने तक आ जाएंगे। अभी तक नतीजे नहीं आने से छात्र अपनी पसंद के कॉलेजों में सीट छूटने को लेकर चिंतित हैं। छात्रों के एक वर्ग को नुकसान पहुंचाने के लिए एमयू की आलोचना भी की गई है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने अपने इस कदम को यह कहते हुए सही ठहराया है कि सीबीएसई और आईएससी के बहुत कम प्रतिशत छात्र विश्वविद्यालय में एडमिशन लेते हैं। विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि सीबीएसई ओर आईसीएसई के परिणाम आने के बाद आवेदन विंडो फिर से खोली जाएगी।

%d bloggers like this: