नैन्सी पेलोसी ताइवान गईं तो भड़क जाएगा तनाव, चीन के बाद रूस ने दी अमेरिका को चेतावनी

थर्ड आई न्यूज

मॉस्को I चीन के बाद अब रूस ने भी अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर नैन्सी पेलोसी ताइवान जाती हैं तो उस क्षेत्र में तनाव और भड़क जाएगा। रूस ने कहा कि अगर पेलोसी विवादित द्वीप पर जाती हैं तो इससे अमेरिका और चीन सीधे टकराव के रास्ते पर आ जाएंगे। बता दें कि इससे पहले चीन ने सोमवार को कहा था कि वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान की यात्रा करने की योजना से जुड़ी खबरों पर करीबी नजर रख रहा है। साथ ही चीन ने आगाह किया कि अगर पेलोसी ताइपे की यात्रा करती हैं तो उसकी सेना ‘‘कड़ा जवाब’’ देगी और इसके ‘‘गंभीर नतीजे’’ भुगतने पड़ेंगे।

फिर मत कहना चेताया नहीं था, नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे पर चीन की फिर घुड़की :
अब चीन के बेहद करीबी रूस ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है। रूसी प्रवक्ता ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि नैन्सी पेलोसी द्वारा ताइवान की अपेक्षित यात्रा इसे (अमेरिका) चीन के साथ टकराव के रास्ते पर ले जाएगी और इस क्षेत्र में तनाव को भड़काएगी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा, “हम अभी निश्चित रूप से यह नहीं कह सकते कि वह (पेलोसी) वहां (ताइवान) पहुंचेगी या नहीं, लेकिन इस दौरे और ताइवान की संभावित यात्रा के बारे में सब कुछ पूरी तरह से भड़काऊ नजर आ रहा है।”

ताइवान को चीन अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा बताता रहा है और पेलोसी की वहां जाने की कथित योजना से वह भड़का हुआ है। इस बीच, रूस ने नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा पर अपने सहयोगी चीन को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, “वाशिंगटन दुनिया में अस्थिरता ला रहा है। हाल के दशकों में एक भी संघर्ष नहीं सुलझाया गया, बल्कि कई ऐसे संघर्षों को उकसाया गया है।”

चीन की धमकी के बावजूद ताइवान जाएंगी नैन्सी पेलोसी, अमेरिकी सेना ने तैनात किए महाव‍िनाशक युद्धपोत :
यूक्रेन पर रूस के हमले ने इस आशंका को बढ़ा दिया है कि चीन भी ताइवान पर कब्जा करने की अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा सकता है। ताइवान चीन की संप्रभुता के दावों को खारिज करता है और कहता है कि केवल उसके लोग ही द्वीप के भविष्य का फैसला कर सकते हैं। 2016 में राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के पहली बार चुने जाने के बाद से बीजिंग लगातार स्व-शासित द्वीप पर राजनयिक और सैन्य दबाव बढ़ा रहा है।

अमेरिका ने पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर चीन की बयानबाजी की निंदा की :
अमेरिका ने प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान की अपेक्षित यात्रा को लेकर चीन द्वारा की जा रही बयानबाजी की निंदा की है। व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सोमवार को कहा कि स्वशासित द्वीप में यात्रा करने या न करने का अंतिम फैसला पेलोसी का ही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सांसद वर्षों से ताइवान की नियमित यात्रा करते रहे हैं। चीन ताइवान पर अपना दावा करता है।

किर्बी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को चिंता है कि बीजिंग इस यात्रा को बहाना बनाकर ताइवान जलडमरूमध्य या ताइवान के आस-पास सैन्य कदम उठाने, ताइवान के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने और जलडमरूमध्य में बड़े पैमाने पर नौसैनिक अभ्यास करने समेत उकसाने की कार्रवाई कर सकता है।

‘सीएनएन’ ने ताइवान और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से कहा कि बाइडन प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद पेलोसी के ताइवान की यात्रा करने की संभावना है। ताइवान की मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि पेलोसी मलेशिया की यात्रा करने के बाद ताइपे पहुंचेंगी और रात वहीं बिताएंगी।

पेलोसी की ताइवान यात्रा की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने बीजिंग में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘हम पेलोसी के कार्यक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं और अगर वह ताइवान की यात्रा करती हैं तो हम कड़ा जवाब देंगे।’’

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