बोतल से बाहर जनजातिकरण का जिन्न : रोहा में आक्रासू ने फूंका प्रधानमंत्री मोदी का पुतला

थर्ड आई न्यूज

चापरमुख से सोयल खेतान

केंद्र सरकार द्वारा गत दिनों देश की 12 विभिन्न जन गोष्ठियों को जनजाति का दर्जा दिए जाने के बाद असम में भी जनजाति करण का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है. उल्लेखनीय है कि राज्य की कोच राजवंशी, मोरान, मटक, आहोम, चुतिया, और चाय जन्म गोष्टी के लोग एक अरसे से जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं. राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उन्हें जनजाति का दर्जा दिए जाने का आश्वासन भी दिया था. पर जब केंद्र सरकार ने गत दिनों देशभर में फैली 12 जन गोष्ठियों को जनजाति का दर्जा दिए जाने की अनुशंसा की, तो उस लिस्ट में असम की छह जन गोष्ठियों का नाम नहीं रखा. इससे यह जन गोष्ठियां भड़क उठी और राज्य भर में जगह-जगह उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए.

इस कड़ी में आज अखिल असम कोच राजवंशी छात्र संघ ( आक्रासू) की नगांव जिला समिति ने रोहा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक अपना विरोध जताया. जानकारी के अनुसार रोहा की नतुन चारीआली स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर संगठन के सदस्य एकत्रित हुए थे. उन्होंने जनजाति करण की अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका. इस मौके पर कोच राजवंशी छात्र नेताओं ने अपना आंदोलन और तेज करने की भी बात कही. आज के विरोध प्रदर्शन में आक्रासू की नगांव जिला इकाई के सचिव मंटू डेका, प्रचार सचिव दीपूमोनी बोरा, उपाध्यक्ष पंकज बोरा, केंद्रीय सहकारी सांगठनिक सचिव रातुल राजवंशी सहित कई अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे.

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