केंद्र पर दिल्ली सरकार का बड़ा आरोप: केजरीवाल बोले- आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे तो गरीबों का साथ कौन देगा, पिज्जा की होम डिलीवरी हो रही तो राशन की क्यों नहीं

हर घर तक राशन पहुंचाने की दिल्ली सरकार की योजना पर केंद्र की तरफ से रोक लगने के बाद केजरीवाल ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि केंद्र से मंजूरी ली गई थी। - Dainik Bhaskar
हर घर तक राशन पहुंचाने की दिल्ली सरकार की योजना पर केंद्र की तरफ से रोक लगने के बाद केजरीवाल ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि केंद्र से मंजूरी ली गई थी।

दिल्ली में हर घर तक राशन पहुंचाने की केजरीवाल सरकार की योजना पर केंद्र की रोक के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि आप योजना पर रोक लगाकर राशन माफिया की मदद करना चाह रहे हैं। यह ठीक नहीं है। अगर आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे, तो गरीबों का साथ कौन देगा? केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर इस देश में पिज्जा-बर्गर और स्मार्टफोन की होम डिलीवरी हो सकती है, तो फिर राशन की क्यों नहीं?

केजरीवाल के संबोधन की अहम बातें

1. हम केंद्र से कोई विवाद नहीं चाहते
दिल्ली में अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था। सारी तैयारियां हो चुकी थीं, लेकिन आपने अचानक इसे क्यों रोक दिया? PM सर, इस स्कीम के लिए राज्य सरकार सक्षम है और हम केंद्र से कोई विवाद नहीं चाहते। हमें गरीबों के लिए काम करने दीजिए।

2. पहले नाम पर आपत्ति थी, हमने नाम भी बदल दिया
हमने इसका नाम मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना रखा था। आपने तब कहा कि योजना में मुख्यमंत्री नाम नहीं आ सकता। हमने आपकी बात मानकर नाम हटा दिया। अब आपने हमारी योजना यह कहते हुए खारिज कर दी कि हमने केंद्र से अनुमति नहीं ली है। जबकि केंद्र सरकार से इस योजना के लिए हमने 5 बार अनुमति ली।

3. कोर्ट में आपत्ति नहीं की, तो अब क्यों कर रहे
केंद्र ने कोर्ट में हमारी योजना के खिलाफ आपत्ति नहीं की, तो इसे अब क्यों खारिज किया जा रहा है? कई गरीब लोगों की नौकरी जा चुकी है। लोग बाहर नहीं जाना चाहते, इसलिए हम घर-घर राशन भेजना चाहते हैं। कानूनन हमें केंद्र से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। फिर भी हमने आपको चिट्‌ठी लिखी। अब अगर आप इसे रोक देंगे, तो 70 लाख उन गरीबों का क्या होगा, जिनका राशन ये राशन माफिया चोरी कर लेते हैं।

4. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए
केंद्र सरकार के अधिकारी कह रहे हैं कि ये राशन केंद्र का है तो दिल्ली क्रेडिट क्यों ले? मैं क्रेडिट नहीं ले रहा हूं, प्लीज लागू कर दीजिए। दुनिया से कहूंगा कि मोदी जी ने योजना लागू की। ये राशन न आम आदमी पार्टी का है, न भाजपा का। ये राशन तो इस देश के लोगों का है और इस राशन की चोरी रोकने की जिम्मेदारी हम दोनों की है।

5. संकट के दौर में केंद्र सब से लड़ाई कर रहा
इस वक्त देश बहुत भारी संकट से गुजर रहा है। ये वक्त एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मदद करने का है। ये वक्त एक-दूसरे से झगड़ने का नहीं है। लोगों को लगने लगा है कि इतनी मुसीबत के समय भी केंद्र सरकार सबसे झगड़ रही है। आप ममता दीदी से झगड़ रहे हैं। झारखंड सरकार से झगड़ रहे हैं। आप लक्षद्वीप के लोगों से झगड़ रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार से लड़ रहे हैं। दिल्ली के लोगों से लड़ रहे हैं। किसानों से लड़ रहे हैं। लोग इस बात से बहुत दुखी हैं सर। ऐसे देश कैसे चलेगा? हम सब आपके ही हैं। हम सब भारतवासी हैं। ऐसे में हम सब आपस में लड़ेंगे तो कोरोना से कैसे जीतेंगे? हमें आपस में लड़ना नहीं है। हम सबको मिलकर कोरोना से लड़ना है।

हर परिवार को मिलता 10 किलो राशन
15 मई को अरविंद केजरीवाल ने अपने कैबिनेट की बैठक ली थी, जिसमें मुफ्त राशन योजना को लेकर फैसला किया गया। 18 मई को खुद केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार 72 लाख लोगों के घरों तक राशन पहुंचाएगी। इसके तहत हर परिवार को 10 किलो राशन मुफ्त दिया जाना है।

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