गांधी परिवार के दो संगठनों के FCRA लाइसेंस रद्द, एक और ट्रस्ट पर भी हो सकती है कार्रवाई

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली l केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांधी परिवार से जुड़े राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) लाइसेंस को रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई कथित रूप से कानूनों के उल्लंघन के बाद की गई है। बताया गया है कि केंद्र ने यह कदम 2020 में गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक अंतर-मंत्रालयी समिति की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद उठाया है।

जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी फाउंडेशन की स्थापना 1991 में की गई थी। इसकी वेबसाइट के मुताबिक, फांउडेशन ने शिक्षा क्षेत्र के अलावा स्वास्थ्य, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, महिला एवं बच्चों के अलावा विकलांगता सहायता जैसे मुद्दों पर काम किया।

सोनिया गांधी हैं अध्यक्ष :
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी आरजीएफ की अध्यक्ष हैं। जबकि, अन्य ट्रस्टियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हैं।

राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का भी लाइसेंस रद्द :
इसके अलावा गृह मंत्रालय ने राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट (आरजीसीटी) के एफसीआरए लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है। इस ट्रस्ट की अध्यक्ष भी सोनिया गांधी हैं। इन कार्रवाईयों के पीछे कहा गया है कि जांचकर्ताओं ने चीन सहित विदेशों से प्राप्त धन का आयकर रिटर्न दाखिल करते समय दस्तावेजों के कथित हेरफेर का मामला पकड़ा है। आरजीसीटी के ट्रस्टी राहुल गांधी, अशोक गांगुली, बंसी मेहता और दीप जोशी हैं।

2002 में हुई थी RGCT की स्थापना :
बता दें, 2002 में राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की गई थी। इसका उद्देश्य देश के वंचित लोगों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की विकास आवश्यकताओं को पूरा करना था। वर्तमान में यह ट्रंस्ट उत्तर प्रदेश के सबसे गरीब क्षेत्रों में काम करता है।

इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट भी जांच के दायरे में :
बता दें, 2020 में गृह मंत्रालय ने मनी लॉन्ड्रिंग, आयकर अधिनियम व एफसीआरए के उल्लंघन को लेकर ईडी अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। इस समिति ने राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के खिलाफ जांच शुरू की थी। इनमें से दो पर कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि, तीसरे संगठन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। केंद्रीय जांच समिति में ईडी के अलावा गृह व वित्त मंत्रालय समेत सीबीआई के अधिकारी भी शामिल थे।

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