सुपारी सिंडिकेट से हलकान मिजोरम के विधायक ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, चार दिन पहले ही अवैध बर्मीज सुपारी के कारोबार में लिप्त शर्मिला मनोत नामक महिला चढ़ी थीं पुलिस के हत्थे

थर्ड आई न्यूज

आइजोल/ गुवाहाटी. सरकार और उसकी विभिन्न एजेंसियों द्वारा लाख कोशिश करने के बावजूद बर्मीज सुपारी का अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इससे मिजोरम सहित पूर्वोत्तर के अन्य सीमावर्ती राज्यों में सुपारी उगाने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मिजोरम से विपक्षी कांग्रेस विधायक लालरिंडिका रालटे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को पत्र लिखकर सारे मामले में उनसे हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि म्यांमार और पूर्वोत्तर के मिजोरम तथा मणिपुर जैसे राज्यों के बीच खुली सीमा होने के चलते बर्मीज सुपारी की स्मगलिंग बेरोकटोक जारी है. उन्होंने कहा कि इससे मिजोरम के लोकल सुपारी उत्पादकों को काफी परेशानी होती है. विधायक ने कहा कि असम में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां कई बार बर्मीज सुपारी पकड़ने के नाम पर मिजोरम से जा रही खेप को पकड़ लेती है.

गौरतलब है कि बर्मीज सुपारी का सिंडिकेट गुवाहाटी से संचालित होता है. बीच-बीच में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अवैध रूप से सीमा पार से आ रही सुपारी की छोटी-मोटी खेप पकड़ लेती है, पर बड़े खिलाड़ी उसकी पहुंच से बाहर ही रहते हैं. हालांकि गत 3 नवंबर को लामडिंग रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने शर्मिला मनोत नाम की एक महिला को 35 लाख रुपए से अधिक की रकम के साथ हिरासत में लिया था. बताया जा रहा है कि अशोक मनोत नामक व्यक्ति की पत्नी शर्मिला सुपारी सिंडिकेट के लिए काम करती हैं. उसे नागालैंड की आर्थिक राजधानी दीमापुर से गुवाहाटी रुपए लाने ले जाने के काम में लगाया गया था. सूत्र बताते हैं कि सुपारी सिंडिकेट के लोग रुपए लाने-ले जाने के लिए महिलाओं का प्रयोग करते हैं, जिससे सरकारी एजेंसियों को धोखा दिया जा सके. उपरोक्त घटना जोरहाट टाउन जनशताब्दी एक्सप्रेस में घटी, जब आरपीएफ और जीआरपी ने एक संयुक्त अभियान चलाकर शर्मिला मनोत नामक महिला को हिरासत में लिया. सूत्र बताते हैं कि उक्त महिला गुवाहाटी के एक सफेदपोश सुपारी सिंडीकेट के सरगना के लिए काम करती हैं.

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