वर्ल्ड कप में इस्लामी कानून मानने की मजबूरी:बिना शादी के एकसाथ रुकने पर पाबंदी; बीयर पीने और प्रार्थना पर भी रोक-टोक

थर्ड आई न्यूज

दोहा। कतर में हो रहे फीफा वर्ल्ड कप में इस्लामिक कानून के मुताबिक कई तरह की पाबंदियां लगाई गई है।

कतर में पब्लिक स्पेस में बीयर या शराब पीने की मनाही है। ऐसा करने पर 6 महीने तक की जेल या 800 डॉलर, यानी करीब 65 हजार रुपए का जुर्माना लग सकता है। शराब की तस्करी करने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है। वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक दो दिन पहले कतर ने ऐलान किया कि मैच के दौरान रेगुलर फैंस स्टेडियम में बीयर नहीं पी सकेंगे। स्टेडियम के बाहर सिर्फ स्पेशल वर्ल्ड कप गैदरिंग स्पेस, लाइसेंस प्राप्त रेस्तरां, बार और होटलों में ही पी सकेंगे। VIP टिकट वाले लोग अपने एग्जीक्यूटिव बॉक्स में बैठकर मैच से पहले, मैच के दौरान और मैच के बाद बीयर पी सकते हैं। इसे फैन जोन भी कहा जाता है।

कतर के इस फैसले पर FIFA भी राजी हो गया। वरना 2014 में ब्राजील वर्ल्ड कप में स्टेडियम में बीयर की बिक्री के लिए स्थानीय कानूनों में बदलाव करा दिया था। उस वक्त FIFA के सेक्रेटरी जेरोम वाल्क ने कहा था, ‘शराब FIFA वर्ल्ड कप का अहम हिस्सा है, इसलिए हम इसे उपलब्ध कराएंगे। माफ करिएगा अगर मैं थोड़ा घमंडी लगूं, लेकिन इस विषय पर कोई बातचीत संभव नहीं है।’

जोश और जश्न में टी-शर्ट नहीं उतार सकेंगे :
कतर के कई इलाकों में पब्लिक प्लेस पर ड्रेस कोड चाहिए। यहां पुरुष और महिला दोनों का कंधा, सीना, पेट और घुटना ढका होना चाहिए। टाइट लेगिंग एक लंबी शर्ट या ड्रेस से ढकी होनी चाहिए।

FIFA वर्ल्ड कप के दौरान स्टेडियम के अंदर जश्न मनाने के दौरान फैन्स को टी-शर्ट उतारना देखना आम बात रही है। लेकिन कतर रूढ़िवादी ड्रेस कोड के चलते यहां पर फैंस का ऐसा कर पाना मुश्किल है।

समलैंगिकों और गैर शादीशुदा कपल्स को होटल मिलने में दिक्कत :
कतर में समलैंगिकता अपराध है। यदि कोई भी समलैंगिक एक्टिविटी करता पाया जाता है तो उसे 7 साल तक की जेल हो सकती है। अविवाहित फैन्स को अपनी दोस्त के साथ संबंध बनाने पर 7 साल की जेल हो सकती है। साथ ही पब्लिक प्लेस में भद्दे या अश्लील इशारे करने पर जुर्माना या 6 महीने की कैद हो सकती है।

कतर में अविवाहित जोड़ों के बीच शारीरिक संबंध बनाने की अनुमति नहीं है। अविवाहित जोड़ों को होटल के कमरे साझा करने की भी मनाही है। इस साल मई में नॉर्वे, स्वीडिश और डेनिश पत्रकारों ने FIFA के ऑफिशियल लिस्ट में शामिल 69 होटलों में रूम के लिए फोन किया। इस दौरान इन लोगों ने खुद को गे कपल बताया। इनमें से 3 ने कमरा देने से मना कर दिया। 20 होटल कमरा देने के लिए तैयार हो गए, लेकिन कहा कि आप गे होने की बात बाहर नहीं बताएंगे।

यह वाकया सामने आने के बाद कतर में टूर्नामेंट आयोजकों के प्रवक्ता ने कहा कि खेल शुरू होने से पहले इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा है आने वाले फुटबॉल फैन्स, खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए कतर में 100 से अधिक होटल हैं। इन सभी होटलों को सस्टेनेबल सोर्सिंग कोड का पालन करना होगा।

अप्रैल में कतर में सीनियर सिक्योरिटी लीडर मेजर जनरल अब्दुल अजीज अब्दुल्ला अल-अंसारी ने कहा था कि रेनबो वाले फ्लैग फैन्स से छीने जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि LGBT+ समर्थकों को इसके विरोधियों द्वारा हिंसा से बचाने के लिए यही सही तरीका होगा।

कतर सरकार की आलोचना जेल पहुंचा सकती है :
कतर में घूम रहे FIFA फैन्स सरकार की आलोचना नहीं कर पाएंगे। ऐसा करने पर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। यह कानून पब्लिक में स्पीच देने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी लागू होता है। ऐसा करने वाले लोगों को 5 साल तक की जेल हो सकती है।

अभी तक जो वर्ल्ड कप होते थे उसमें स्टेडियम में मौजूद फैन्स विपक्षी टीमों के फैन्स से खूब नोक-झोंक करते थे। कई बार तो अश्लील गानों के जरिए भी कमेंट भी करते थे। लेकिन कतर में ऐसा करना बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। स्टेट डिपार्टमेंट की ओर से जारी वीडियो में कहा गया है कि सार्वजनिक रूप से दूसरों के साथ बहस करने या अपमान करने पर आप गिरफ्तार हो सकते हैं।

इस्लाम की आलोचना नहीं कर सकते :
कतर का आधिकारिक धर्म इस्लाम है। स्टेट डिपार्टमेंट ने वर्ल्ड कप के लिए जारी एक फैक्ट शीट में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति इस्लाम की आलोचना करते हुए पाया गया तो उस पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा। यदि आप मुस्लिम नहीं हैं तो आप खुले तौर पर प्रेयर या आस्था से जुड़ी कोई और प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं। कतर दोहा के धार्मिक परिसर जैसे क्षेत्रों में कुछ गैर-मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं की अनुमति देता है। कतर मेंi गैर मुस्लिम अपनी रीलिजियस प्रैक्टिस दोहा रिलिजियस कॉप्लेक्स जैसी कुछ जगहों पर ही कर सकते हैं। इसके साथ ही फैन्स पोर्क के बने उत्पाद नहीं ला सकते हैं।

कतर सिर्फ फैन्स पर ही इस्लामिक कानूनों को नहीं थोप रहा है, बल्कि शरिया कानूनों के प्रचार के लिए कट्‌टरता फैलाने वाले इस्लामिक उपदेशकों को भी बुला रहा है। कतर ने भारत के भगोड़े उपदेशक जाकिर नाइक को भी बुलाया है। आतंकवाद से जुड़ी एक्टिविटी में शामिल रहने और हेट स्पीच देने की वजह से नाइक भारत में वॉन्टेड है। जाकिर नाइक इन दिनों मलेशिया में शरण लिए हुए है। नाइक के कनाडा और ब्रिटेन में प्रवेश पर पहले ही बैन लगा हुआ है।

वॉशिंगटन की मिडिल ईस्‍ट मीडिया रिसर्च इंस्‍टीट्यूट का कहना है कि कतर FIFA वर्ल्ड कप का इस्‍तेमाल गैर मुस्लिमों के धर्म परिवर्तन के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन दवाह’ के लिए कर रहा है। जाकिर नाइक भी मिशन दवाह को फैलाने का काम कर रहा है। FIFA का अनुमान है कि कतर में 15 लाख लोग फुटबॉल देखने के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में कतर इसे धर्म परिवर्तन कराने के मौके के रूप में देख रहा है। दवाह एक इस्‍लामिक प्रैक्टिस है। इसके तहत गैर मुस्लिमों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है और उन्‍हें इस्‍लाम को अपनाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

%d bloggers like this: