पुरुष नहीं कर सकते 3-4 महिलाओं से शादी, बदलनी होगी ऐसी व्यवस्था, मुख्यमंत्री हिमंत ने मुस्लिम समुदाय में तीन-चार शादियों के चलन पर जताई आपत्ति

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी.असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मुस्लिम समुदाय में तीन-चार शादियों के चलन पर आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री ने मुस्लिम समाज में ऐसी व्यवस्था को बदलने की वकालत की है। मुख्यमंत्री हिमंत ने गुरुवार को कहा कि स्कूलों में मुस्लिम लड़कियां पढ़ नहीं सकती हैं और मुस्लिम युवक 2-3 महिलाओं से शादी करते हैं। मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन-चार महिलाओं से शादी करने वाली व्यवस्था को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम सबका साथ सबका विकास चाहते हैं।

मुख्यमंत्री गुरुवार को असम के मोरीगांव में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘स्वतंत्र भारत में रहने वाले पुरुष को तीन-चार स्त्रियों से (बिना पूर्व पत्नी को तलाक दिए) विवाह करने का कोई अधिकार नहीं हो सकता और हमें ऐसी व्यवस्था बदलनी होगी। हमें मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने का प्रयास करना होगा।’

हिमंत ने आगे कहा, ‘अगर मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनने को कहा जाता है तो लड़के भी वही चीज क्यों नहीं इस्तेमाल करते’ मुस्लिम लड़कियां स्कूल में नहीं पढ़ सकती हैं और मुस्लिम पुरुष 2-3 महिलाओं से शादी करेंगे, हम इस व्यवस्था के खिलाफ हैं। हम ‘सबका साथ सबका विकास’ चाहते हैं।

सीएम हिमंत ने कहा, ‘हमें उनका वोट नहीं चाहिए और हम अच्छा सुझाव देना चाहते हैं कि अपने बच्चों को जनाब-इमाम ना बनाएं, अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर जरूर बनाएं और उन्हें बेहतर इंसान बनाएं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हम ‘सबका साथ सबका विकास’ को आगे लाने की कोशिश कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि मदरसों में पढ़कर पोमुआ मुस्लिम छात्र जनाब, इमाम बनें। हम चाहते हैं कि वे स्कूल, कॉलेज में पढ़ाई करें और मोरीगांव मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करें ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर बन सकें।’

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर निशाना साधते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में बदरुद्दीन अजमल जैसे कुछ नेता हैं, जिन्होंने कहा कि महिलाओं को जल्द से जल्द बच्चों को जन्म देना चाहिए। बता दें कि 2 दिसंबर को अजमल ने हिंदुओं को मुसलमानों के फॉर्मूले को अपनाने और अधिक बच्चे पैदा करने के लिए कम उम्र में अपने बच्चों की शादी करने की सलाह दी थी। एआईयूडीएफ प्रमुख अजमल ने श्रद्धा हत्याकांड को ‘लव जिहाद’ बताने के हिमंत के बयान पर जवाब दिया था।

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