जिलों की सीमा के पुनर्निर्धारण के लिए बदरुद्दीन अजमल या माइनोरिटी स्टूडेंट्स यूनियन के समर्थन की जरूरत नहीं: हिमंत

थर्ड आई न्यूज

नागांव । चार जिलों को मूल अविभाजित जिलों में विलय करने के असम सरकार के फैसले के खिलाफ राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि सरकार को राज्य की जिला सीमाओं के पुनर्निर्धारण के संबंध में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) और ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन (AAMSU) से किसी भी समर्थन की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा, होजाई जिला भंग कर दिया गया है और भविष्य में इसे फिर से बनाया जाएगा। इसमें AIUDF और AAMSU को शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है। होजाई जिले के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और भविष्य में असम में किसी भी चीज में उनकी कोई भूमिका नहीं होगी। मैं होजाई का दौरा करूंगा और लोगों से चर्चा करूंगा और हम प्रक्रिया के जरिए फिर से जिला बनाएंगे।

इससे पहले 31 दिसंबर को राज्य मंत्रिमंडल ने होजाई, बिश्वनाथ, तामुलपुर और बजाली के प्रशासनिक जिलों को क्रमशः नागांव, सोनितपुर, बक्सा और बरपेटा के मूल अविभाजित जिलों के साथ विलय करने का निर्णय लिया। कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने राज्य में भारत के चुनाव आयोग की परिसीमन प्रक्रिया से पहले लिए गए फैसले के लिए असम सरकार की आलोचना की।

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