अफगान विदेश मंत्रालय के बाहर धमाका:अंदर चीन-तालिबान के बीच मीटिंग चल रही थी, 20 लोगों के मारे जाने की आशंका

थर्ड आई न्यूज

काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में विदेश मंत्रालय के बाहर धमाका होने की खबर है। धमाके के वक्त तालिबान और चीनी अधिकारियों के बीच मीटिंग चल रही थी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ये एक सुसाइड अटैक था। धमाके में 20 लोगों की मौत हो गई है।

काबुल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के स्पोक्सपर्सन खालिद जादरान ने ब्लास्ट में कई लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सिक्योरिटी फोर्स मौके पर पहुंच गई है।

12 दिसंबर को चीनी होटल पर हमला हुआ था :
12 दिसंबर को चीनी होटल के नाम से मशहूर एक रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस पर हमला हुआ था। कुल तीन हमलावरों ने होटल को निशाना बनाया था। तीनों को मार गिराया गया। घटना में दो विदेशी नागरिक घायल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि हमले के वक्त होटल में कई चीनी नागरिक मौजूद थे। कुछ फुटेज भी सामने आए। इनमें होटल के एक हिस्से में आग नजर आ रही थी।

नए साल पर मिलिट्री एयरपोर्ट पर ब्लास्ट हुआ था :
इसके पहले 1 जनवरी को काबुल के एक मिलिट्री एयरपोर्ट पर धमाका हुआ था। इसमें 8 लोग घायल हुए थे। 29 दिसंबर को भी अफगानिस्तान के तालुकन प्रोविंस में धमाका हुआ था, जिसमें 4 लोग घायल हो गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह धमाका तब हुआ जब एक सरकारी दफ्तर के स्टाफ की डेस्क के नीचे रखा बम फट गया था। 26 दिसंबर को बादाखशान प्रोविंस में हुए धमाके में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी।

भारतीय दूतावास भी रहे हैं निशाने पर
अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास भी निशाने पर रहे हैं। अगस्त 2013 में जलालाबाद में दूतावास पर हमले करने वाले तीन आत्मघाती हमलावरों को मार गिराया था। इसमें अफगानी सेना के कुछ जवान भी मारे गए थे। उस दौरान अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत अमर सिन्हा ने मारे गए लोगों के परिजन और घायल लोगों से मिलकर सुरक्षा देने का वादा किया था।

इतना ही नहीं, घायलों की सभी मेडिकल जरूरतों का खर्च भी भारतीय दूतावास ने उठाया था। 2010 में काबुल स्थित दो गेस्ट हाउस में हुए हमले में छह भारतीयों की मौत हो गई थी। जुलाई 2008 में एक कार बम धमाके में ब्रिगेडियर और आईटीबीपी के 2 जवानों की मौत हो गई थी।

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