विश्व की सबसे लंबी रिवर क्रूज यात्रा पर गंगा-विलास रवाना:PM मोदी की विदेशी पर्यटकों से अपील- भारत आइए, ये आपकी सोच से भी परे

थर्ड आई न्यूज

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी को दो सौगातें दी हैं। पहली सौगात है गंगा विलास क्रूज और दूसरी 5 स्टार टेंट सिटी। प्रधानमंत्री मोदी ने इनका वर्चुअली उद्घाटन किया। गंगा विलास क्रूज दुनिया की सबसे लंबी रिवर क्रूज यात्रा पर रवाना हो गया। इस दौरान ये 3200 किलोमीटर का सफर करेगा। ये वाराणसी से असम के डिब्रूगढ़ तक जाएगा। कार्यक्रम में PM वर्चुअली जुड़े। CM योगी ने इस दौरान कहा कि पिछले 8 सालों में बदलते हुए भारत को लोगों ने देखा। काशी ने नई यात्रा प्रारंभ की।

हर-हर महादेव से की भाषण की शुरुआत :
PM मोदी ने हर-हर महादेव से भाषण की शुरुआत की। कहा कि गंगा हमारे लिए सिर्फ एक जलधारा नहीं है। यह भारत की तपस्या की साक्षी है। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि गंगा किनारे विकास के बजाय वह पिछड़ते चले गए। इसी वजह से गंगा किनारे के लाखों लोगों का पलायन हुआ। इसीलिए हमने नमामि गंगे शुरू की।

इंडिया को शब्दों में डिफाइन नहीं कर सकते :
इस क्रूज में सवार विदेशी टूरिस्ट साथियों से कहूंगा कि भारत के पास सब कुछ है। इंडिया को शब्दों में डिफाइन नहीं किया जा सकता है। इंडिया को अनुभव किया जा सकता है। हिंदुस्तान के धर्म, कला, संस्कृति, पर्यावरण, नदियों और समृद्ध खानपान से रूबरू होने का सुअवसर मिलेगा। भारत आइए, ये आपकी सोच से भी परे है।

विलास क्रूज विकास की नई लाइन खींचता हुआ गुजरेगा :
गंगा विलास क्रूज जहां से गुजरेगा वहां विकास की नई लाइन तैयार करेगा। शहरों के बीच लंबी रिवर क्रूज यात्रा के अलावा हम छोटे क्रूज को भी बढ़ावा देंगे। इसके लिए सुविधाएं विकसित की जा रही है। नदी जल मार्ग अब भारत का नया सामर्थ्य बनेगा। गंगा पर बन रहा राष्ट्रीय जलमार्ग पूरे देश के लिए एक मॉडल की तरह विकसित हो रहा है। ये राष्ट्रीय जलमार्ग ट्रांसपोर्ट, ट्रेड और टूरिज्म के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

24 राज्यों में 111 जलमार्गों को विकसित कर रहे :
2014 से पहले देश में वॉटर-वे का थोड़ा-बहुत ही उपयोग था। यह हाल तब था जबकि भारत में वॉटर-वे का पुरातन इतिहास था। 2014 के बाद हमने देश की बड़ी नदियों में जलमार्ग के विकास के लिए कानून बनाए। 2014 में 5 राष्ट्रीय जलमार्ग देश में थे। आज 24 राज्यों में 111 जलमार्गों को विकसित करने पर काम हो रहा है।”

यात्रा की अवधि- 51 दिन। दूरी- 3200 किलोमीटर। किराया- 19 लाख रुपए, सुइट का किराया 38 लाख।

क्रूज का रूट: गंगा-भागीरथी-हुगली रिवर सिस्टम (नेशनल वॉटर वे 1), कोलकाता से धुबरी (इंडो बांग्ला प्रोटोकॉल रूट) और ब्रह्मपुत्र (नेशनल वॉटर वे 2)। रास्ते में 27 नदियां पड़ेंगी। गंगा, भागीरथी, हुगली, विद्यावती, मातला, सुंदरवन रिवर सिस्टम्स-5, मेघना, पद्मा, जमुना और ब्रह्मपुत्र जैसी 27 नदियां बीच में पड़ेंगी।

5 प्रदेशों और बांग्लादेश से गुजरेगा क्रूज: UP, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और बांग्लादेश। वाराणसी, पटना, कोलकाता, ढाका, गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ समेत 50 प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं।

सुविधाएं: 18 सुइट, रेस्टोरेंट, बार, स्पा, सनडेक, जिम और लाउंज। 40 सीटों वाले रेस्तरां में कॉन्टिनेंटल और इंडियन फूड के साथ बफे काउंटर हैं। आउटडोर सिटिंग में स्टीमर चेयर्स और कॉफी टेबल के साथ एक बार है। बाथ टब वाला बाथरूम, कन्वर्टिबल बेड्स, फ्रेंच बालकनी, LED टीवी, तिजोरी, स्मोक अलार्म्स, लाइफ वेस्ट और स्प्रिंकलर्स भी हैं।

खासियत: 62.5 मीटर लंबा और 12.8 मीटर चौड़ा, 40 हजार लीटर का फ्यूल टैंक और 60 हजार लीटर का वाटर टैंक। अप स्ट्रीम में क्रूज की रफ्तार 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा है। डाउन स्ट्रीम में क्रूज की रफ्तार 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा है।

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