असम के शिक्षा मंत्री की अपील- कॉलेजों में दाखिला के समय छात्रों से नहीं पूछें उनकी जाति

Ranoj Pegu

थर्ड आई न्यूज, गुवाहाटी | असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने गुरुवार को कॉलेजों से कहा कि वे अपने संस्थानों में प्रवेश देते समय छात्रों से जाति की जानकारी नहीं मांगे। पेगू ने गुरुवार शाम ट्वीट कर कहा, “अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ी जातियों से संबंधित जानकारी उल्लेख करने के बाद स्कूलों और कॉलेजों में प्रवेश के दौरान जाति की पहचान के विवरण की आवश्यकता नहीं है।”

उन्होंने कहा, “सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है कि किसी की जाति का विवरण मांगा जाए। अगर किसी शिक्षण संस्थान ने इस तरह का विवरण मांगा है, तो मैं उनसे ऐसा नहीं करने का अनुरोध करता हूं।”

मंत्री का यह निर्देश तब आया जब यह खुलासा हुआ कि गुवाहाटी के कम से कम तीन प्रमुख कॉलेजों ने प्रवेश फॉर्म में संभावित छात्रों से जाति पहचान का विवरण मांगा था। हैंडिक गर्ल्स कॉलेज, आर्य विद्यापीठ कॉलेज और कर्मश्री हितेश्वर सैकिया कॉलेज ने छात्रों से यह निर्दिष्ट करने के लिए कहा था कि क्या वे ब्राह्मण, गणक, कलिता, कायस्थ, मुस्लिम, शूद्र, वैश्य या अन्य हैं।

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए असम जातीय परिषद द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “ऐसे समय में जब मानव ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण सभ्यता के शिखर पर पहुंच गया है, ऐसा कदम (जाति का विवरण मांगना) ठीक नहीं है।”

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