कांग्रेस में भगदड़ जारी, पांच सौ से अधिक कार्यकर्ता एआईयूडीएफ-कांग्रेस छोड़ असम गण परिषद में हुए शामिल

असम गण परिषद,

थर्ड आई न्यूज, सिलचर | एआईयूडीएफ एक सांप्रदायिक पार्टी है। बदरुद्दीन अजमल अपने धंधे के लिए राजनीति करते हैं।वर्तमान में राज्य में एआईयूडीएफ और कांग्रेस का कोई वजूद नहीं है। दोनों पार्टियों के कई नेता अगप और भाजपा में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। ये बातें आज सिलचर में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि सुनील डेका ने कहीं I

उल्लेखनीय है कि आज विभिन्न पार्टियों के लगभग 500 कार्यकर्ताओं ने अपने दल को छोड़कर असम गण परिषद (अगप) की सदस्यता ली I इस मौके पर डेका ने कहा कि बराक में असम गण परिषद का संगठन लगातार मजबूत होता जा रहा है। अगप पार्टी के गठन को 35 साल हो चुके हैं। पार्टी दो बार सत्ता में रही ।

दिवंगत शहीदुल आलम चौधरी के नेतृत्व में पार्टी बराक घाटी में काफी मजबूत थी। कुछ समय के लिए पार्टी की स्थिति कमजोर रही, हालांकि 2016 में पार्टी ने भाजपा सरकार के साथ गठबंधन किया। बाद में पार्टी ने 2021 में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य में अगप जीवित है, क्षेत्रीयतावाद को कोई खतरा नहीं । उन्होंने कहा कि वर्तमान सहयोगी सरकार के कार्यकाल में बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियों में कोई अंतर नहीं है। दोनों घाटियों में सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर पिछले कुछ दिनों में करीमगंज में संगठन मजबूत होता है, तो उन्हें 2024 के चुनाव में बराक से 5 सीटें जीतने के लिए आगे बढ़ना होगा।

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