असम जातीय परिषद ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, की गायों के अवैध व्यापार और तस्करी के मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी. असम जातीय परिषद (एजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. एजेपी के अध्यक्ष लुरिन ज्योति गोगोई और महासचिव जगदीश भुइयां द्वारा हस्ताक्षरित उक्त पत्र में असम में कथित रूप से चल रहे गायों के अवैध व्यापार और तस्करी की हाईकोर्ट के पीठासीन न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की गई है.

पत्र में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा के एक बयान का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि असम में प्रतिमाह 1000 करोड़ रुपए से अधिक की गौ तस्करी और गायों का अवैध व्यापार होता है. पत्र में लिखा गया है कि स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री की ओर से आया यह बयान काफी वजन रखता है. राज्य में वर्ष 2016 से भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में एनडीए की सरकार है. मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों की माने तो इस कालखंड में 60 हजार करोड़ की विशाल राशि की गौ तस्करी हो चुकी है. इतना ही नहीं, वर्तमान में असम के जो मुख्यमंत्री है, वे साल 2006 से कांग्रेस की सरकार में मंत्री थे. 2016 से वे भाजपा की सरकार में मंत्री हो गए. इस प्रकार उनके सरकार में रहते हुए हजारों करोड रुपये का अवैध गायों का व्यापार हुआ है. यह एक गंभीर मामला है और उच्च स्तरीय जांच की मांग करता है. पत्र में प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि वे इस मामले की जांच जल्द से जल्द हाईकोर्ट के पीठासीन न्यायधीश से कराएं, जिससे गाय सिंडिकेट के अपराध की तह तक जाया जा सके.

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