लालफीताशाही पर प्रहार, प्रधानमंत्री ने दिए काम में रोड़ा अटकाने वाले बाबुओं और एजेंसियों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली l पीएम नरेंद्र मोदी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए आदेश दिया कि उन बाबुओं और एजेंसियों की पहचान की जाए, जिनके चलते परियोजनाएं लटकी हुई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने 37वीं प्रगति मीटिंग के दौरान कैबिनेट सचिव को आदेश दिया कि वे एक डोजियर तैयार करें, जिसमें डिटेल से इस बात की जानकारी हो कि कौन से प्रोजेक्ट्स लटके हैं और उसकी वजहें क्या हैं। इसके अलावा उन्होंने ऐसे बाबुओं और एजेंसियों की भी पहचान करने को कहा है, जो काम में देरी के लिए जिम्मेदार हैं। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने दिल्ली में बन रहे अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 को लेकर भी बात की।

पीएम ने इस मीटिंग में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को आदेश दिया कि इस पर काम 15 अगस्त, 2023 तक पूरा हो जाना चाहिए। इसे दिल्ली का तीसरा रिंग रोड भी कहा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रगति मीटिंग के दौरान ये बातें कहीं। वे प्रगति मीटिंग के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर चल रहे काम की समीक्षा करते हैं। एनएचएआई के मुताबिक 75.71 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट से दिल्ली के द्वारका से दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे के बीच कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। बीते सप्ताह ही दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन और काटे जाने को मंजूरी दी है। अब सितंबर के अंत तक एनएचएआई की ओर से इस प्रोजेक्ट के टेंडर जारी किए जा सकते हैं।

राज्यों को दिया ऑक्सीजन प्लांट्स तैयार करने में तेजी का निर्देश
बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यों में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट्स की भी जानकारी ली। उन्होंने राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा कि वे ऑक्सीजन प्लांट्स के काम में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि अस्पताल में हर बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई होनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी अकसर परियोजनाओं को समय पर पूरा करने को लेकर सख्त रवैया दिखाते रहे हैं। पहले भी उन्होंने अधिकारियों से कई बार कहा है कि कोई भी काम तय डेडलाइन में ही होना चाहिए।

रेलवे प्रोजेक्ट के 12 साल से अटके रहने पर नाराज हुए पीएम मोदी
सूत्रों का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के भानुपुली, बिलासपुर और बारी को जोड़ने वाले रेलवे प्रोजेक्ट में देरी को लेकर यह नाराजगी जाहिर की। इस परियोजना 2008 में शुरू हुई थी और इस पर 2,000 करोड़ की लागत का अनुमान था। अब यह बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है।

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